3/04/2008

बुरे फसेंगे भडासी यशवंत

बुरे फसेंगे भडासी यशवंत
पिछले दिनों भडास और मोहल्ला विवाद ने जिस तरह सभी ब्लागरों का ध्यान आकर्षित कर कुछेक ब्लागर पर डालर की बरसात हुयी है, इससे यह माना जाने लगा है की यह विवाद फिलहाल थमने वाला नही है। खास कर मनीषा नाम को लेकर जो हलचल मची है उसे लेकर लालू यादव सहित भारत ही नही दुनिया के तमाम देश कुछ अधिक ही गंभीर हुए हैं।

बताया जाता है की पिछले दो दशकों से लालू के नाम को सबसे ज्यादा बदनाम किया गया है और लोगों ने सबसे ज्यादा बेचा है।देश में कही लालू नगर, कहीं लालू पटाखा और यहाँ तक की उनके बाल के स्टाईल पर फ़िल्म तक बनाई गयी है। इतना ही नही, नेहरू, गांधी, सुभाष, भगत सिंह, अम्बेडकर के नाम पर कई लोग अपनी दुकानदारी चला रहे है।

इन सब मामलों को देखते हुवे जहाँ लालू यादव ने मनीषा के नाम पर आपत्ति और ब्लाग के दुनिया में हलचल ko गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है की लालूजी जल्द ही एक लिस्ट निकलने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमे उनके नाम को भुनाने वालों को कानूनी नोटिस दी जायेगी।

वहीं सरकार और duusre देश में भी इस बहस को लेकर गंभीर है और कानून विदों से राय-मशविरा ले रही है। अब नाम का पेटेंट होगा। जितने लोग उतने नाम। यहाँ तक की सरनेम अलग कर भी कोई अलग नाम नही रख सकता। मतलब यह की भारत में ३३,००,००,००० देवी देवताओं के नाम के बाद भी और नाम खोजने होंगे।

यहाँ तक विचार किया जा रहा है की यदि किसी के कुत्ते का नाम टामी है तौ कोई भी दूसरा इस नाम का इस्तेमाल नही कर सकेगा। यहाँ तक की कोई किसी के नाम से भी किसी के साथ मजाक नही करेगा। यदि किसी ने कानून तोडा, उसे बिना मामला दर्ज किए फांसी दे दी जायेगी।

साथ ही, मजाक करने वाले ब्लाग पर मानहानि का दावा भी किया जाएगा। फ़िर कहाँ रहेगा भड़ास, मोहल्ला, टूटी- बिखरी और दूसरे ब्लाग।

(बुरा ना मानो होली है )

3 comments:

Sanjeet Tripathi said...

क्या बात है इतना पहले ही हुरिया गए

रवीन्द्र रंजन said...

wait and watch

आशीष said...

गोल माल है भाई सब गोलमाल