8/29/2009

सामाजिक कार्यों में रूचि : राजश्री बिड़ला

बिरला खानदान की पहली स्नातक बहू राजश्री बिड़ला को सामाजिक कार्यों को चलते राजीव गाँधी अवार्ड दिया गया है। मंदिरों के शहर मदुरै के एक सामान्य मारवाडी परिवार में जन्मी राजश्री आज आदित्य बिरला ग्रुप की सभी कंपनियों की बोर्ड डायरेक्टर हैं। साथ ही, आदित्य बिरला सेंटर फॉर कम्युनिटी इनिसियेतिव्स एंड रुरल डेवलपमेंट की चेयरपर्सन भी है।
सामाजिक कार्यों में रूचि राजश्री बिरला को बचपन से ही रहा है लेकिन करीब तीन दशक पहले अपने पति के साथ उसने गंभीर रूप से इस क्षेत्र में आई। उनका मानना है की कारपोरेट घराने को सामाजिक कार्यों को बढाया देने के साथ-साथ उसमें आर्थिक सहायता भी करनी चाहिए तभी आम लोगों की जिन्दगी में जबरदस्त बदलाव आएगा। वह हर साल करीब पचास विधवाओं का पुनर्विवाह कराती है। शुरूआती शिक्षा मदुरै में ग्रहण करने वाली राजश्री ने उच्च शिक्षा लोरेंट कालेज, कोलकाता से हासिल की और फिर बिरला खंडन की बहू बनकर कोलकाता की ही बनकर रह गई।
यदि तुम किसी भूखे आदमी को एक दिन खाने के लिए मछली दोगे तो वह खा लेगा और दूसरे दिन फिर भूखा रहेगा और यदि उसके बदले तुमने उसे मछली पलने के लिए सिखा दिया तो वह जिन्दगी भर कभी भूखा नहीं रहेगा।
उन्हें संगीत से भी लगाव है और इस कारण हर साल भारतीय शास्त्रीय संगीत के फनकारों को सम्मानित करती है। वह संगीत कला केंद्र की अध्यक्ष भी हैं जिसे उनके पति आदित्य बिरला ने १९७३ में शुरू किया था। १९९६ में आदित्य विक्रम बिरला कलाश्री पुरस्कार के स्थापना की है। पढने और फिल्म देखने में रूचि रखने वाली राजश्री खासकर सेल्फ इम्प्रूवमेंट से सम्बंधित किताबों को काफी पसंद करती है. साथ ही घूमना-फिरना उन्हें काफी पसंद है.
उनके नजदीक रहने वालों लोगों का कहना है की उन्होंने शायद ही राजश्री को गुस्से में देखा होगा। हालाँकि जब भी वह तनाव में आती है वह संगीत के जरिये उस पर नियंत्रण करती है. यहाँ तक की जब वे सोती हैं तो पार्श्व में हल्का संगीत बजते रहता है. करिश्माई मुस्कान की धनी राजश्री को सामाजिक कार्यों से आत्मसंतुष्टि मिलती है। वे अक्सर कहती हैं कि यदि तुम किसी भूखे आदमी को एक दिन खाने के लिए मछली दोगे तो वह खा लेगा और दूसरे दिन फिर भूखा रहेगा और यदि उसके बदले तुमने उसे मछली पलने के लिए सिखा दिया तो वह जिन्दगी भर कभी भूखा नहीं रहेगा।
विनीत उत्पल

2 comments:

संगीता पुरी said...

उन्‍हें बहुत बहुत बधाई .. अन्‍य समर्थों को भी समाज सेवा के क्षेत्र में आगे आना चाहिए !!

अर्शिया said...

Isse anya udyogpatiypn ko prerna leni chahiye.
( Treasurer-S. T. )